सांसद विकास निधि में सरकार ने आरंभिक हिचकिचाहट प्रदर्षित करने के बाद एकमुष्त तीन करोड़ रुपए की वद्धि कर दी है। अब सांसदों को विकास के लिए प्रतिवर्श दो करोड़ की बजाय पांच करोड़ रुपया मिला करेगा। इस वृद्धि के साथ सांसद विकास निधि का कुल वार्शिक खर्च 1580 करोड़ की जगह 3950 करोड़ रुपया हो जाएगा। यह ऊपरी तौर पर दिखाई पड़ रहे उस माहौल के विपरीत है जिसमें लग रहा था कि सांसदों का बहुमत इसको बनाए रखने के पक्ष में नहीं है।
यह थी खबर की होड़। एक ऐसी होड़ जो दो पल में किसी की जान भी ले सकती है। ऐसी होड़ जिसमें खबर के सामने हर इंसानियत, हर सच्चाई छोटी पड़ जाती है। ऐसी होड़ जहां का मकसद सबसे पहले खबर ब्रेक कर बाद में उसका क्रेडिट लेना होता है। ऐसा ही एक नजारा और देखने को मिला।
अगर मीडिया जगत खुद में सुधार नहीं लाता तो न्यायपालिका, कार्यपालिका अथवा विधायिका जैसे क्षेत्रों को ऐसा करना पड़ेगा। वह दिन मीडिया के लिए दुखद और भारतीय लोकतंत्र के लिए बुरा दिन होगा
बराक ओबामा चले गये हैं। दो दिन तक हम पागलों की तरह उनकी एक-एक हरकत पर डोलते रहे। कैमरे के फ्लैश और न्यूज रूम के दिमाग तेजी से चलते रहे। ऊपरी तौर पर देखें तो हर एंगल से खबरें परोसी गईं। ओबामा की ताकत से लेकर कार और उनके दल में आये लोगों की खासियतों से लेकर वे कहां कहां गये, जायेंगे और यहां तक की मिशेल की खरीदारी भी बच न सकी, 'खोजी' नजरों से
मुंबई। महानगर मिड डे अखबार के वरिष्ठ पत्रकार जे डे को पवई इलाके में गोली मार दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मिड डे के इन्वेस्टिगेटिव एडिटर को मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी है।
Beijing, Dec 31 (ANI): There has been a drop in the number of reporters killed worldwide in 2010 than in the previous year, but media advocacy groups have said that while the number of deaths in war zones have decreased, criminals and traffickers have become a greater threat to journalists.
New Delhi, Jan.2 (ANI): The National Wage Boards for Working Journalists and other Newspaper Employees chairman, Justice G. R. Majithia and the members of the Wage Boards presented their final Report to Secretary Ministry of Labour and Employment P. C. Chaturvedi in New Delhi during the week end.
जब मैंने मीडिया में कदम रखा तो करियर च्वॉइस के
लिहाज से ये अपने आपमें एक रिस्क था. आ गया तो
सामने था फॉरमेट से कुछ अलग करने का रिस्क. यह
रिस्क सबसे बड़ा होता है.
बात उन दिनों की है जब मैं डाटा इंट्री करने की नौकरी
करता था। 1998 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद
मैंने परिवार की जरूरत को देखते हुए यह नौकरी शुरू की
थी।
रात में सर्द आसमान के तले खबरों के लिए जूझते कुछ हमनाम। ठंड, बरसात, नींद और रात के पूरे कालेपन के बीच हंसकर कभी रोकर खबरें लोगों तक पहुंचाते खबरचियों के एक हिस्से के कुछ रंग.
आम और खास आदमी की बोलचाल से लेकर जरुरत की
भाषा हिन्दी है। जरुरत की इसी ताकत के बूते हिन्दी हाट
- मण्डी, बाजार और हाइवे की भाषा बनी हुई है। यही
आधार उसे विश्व में बोलचाल के स्तर पर
कितना आश्चर्यजनक है कि अचानक मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री पानी बाबा की तर्ज पर ''जैविक बाबा'' हो जाते हैं और मुख्यमंत्री जैविक प्रदेश घोषित करने के लिये धन्यवाद के पात्र। ये वह
THERE is a“compelling and convincing” case that Tommy Sheridan lied in court and there would be a“denial of justice” if perjury were allowed to go unchecked,a jury was told yestday
इस समय हमारे सिस्टम की पूरी जांच की जाने की
ज़रूरत है। पिछले कुछ महीनों में कॉमनवेल्थ गेम्स, 2जी
घोटालों, जमीन घोटालों, आदर्श घोटाला आदि जैसे
करप्शन को सामने लाने में मीडिया ने
देश की संस्कृति को आदर्श रूप से पेश करने के लिए प्रसिद्धी पा चुकी सास भी कभी बहू थी फेम स्मृति ईरानी उत्तराखंड की बीजेपी में नई जान झोंकने को दून में पहुंची तो उन्होंने अपने मीडिया प्रेम से लेकर मीडिया की जिम्मेदारियों पर भी खूब चर्चा की। वीओजे टीम से खास मुलाकात के कुछ अंश।
अतुल जी के निधन से शोक की लहर I अतुल जी 55 साल के थे। बावजूद इसके उनका 37 वर्षों का मीडिया का गहरा अनुभव उन्हें एक अलग ही श्रेणी में लाकर खड़ा करता है।
मीडिया बिजनेस को बढ़ाने के मकसद से बैंक ऑफ इंडिया ने नौ मीडिया एजेंसियों से करार किया है। सितंबर में एक टेंडर के तहत कराए गए इस करार में एलाइड मीडिया, कांसेट कम्यूनिकेशन, मीडियावेस्ट वल्र्ड वाइड, वोटिवेटर, गोल्डमाइन, प्रचार कम्यूनिकेशन, सौभाग्य एडवरटाइजिंग, आकार एडवरटाइजिंग और ईशा एडवरटाइजिंग के नाम शामिल हैं
जागरण प्रकाशन लिमिटेड के कांपेक्ट साइज डेली समाचार पत्र ने अपनी लांचिंग के चार वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर आई नेक्स्ट की ओर से फाउंडेशन डे सेलिब्रेट किया जा रहा है। आपको बता दें कि युवा पाठकों पर पकड़ बनाने के मकसद से जागरण प्रकाशन लिमिटेड ने चार वर्ष पूर्व कानपुर से आई नेक्स्ट की लांचिंग की थी
Recent statement by Digvijay Singh, a disgraced Congressi leader proves
beyond the shadow of doubt that he is an ISI agent. After the arrest of
one Ms Gupta, an Indian diplomat
माननीय प्रधानमंत्री जी के ये शब्द भविष्य की सारी उम्मीदों को ठेठ हिंदुस्तानी अंदाज में मरहम लगा रहे हैं। ऐसा लगता हैं मानो कह रहे हों जो हुआ उसे भूल जाओ, जो हो रहा है वह हमारी मजब
Generations have passed since Man first stepped on to the moon and evoked awe and admiration from humanity. Yet it is amazing to know that we haven't yet taken those giant steps to
इस समय की सबसे ज्यादा ऊबाऊ बहसों में से एक अखबार की गुणवत्ता कम होने की बहस है। दो अखबारी मित्र मिलें, कोई जान-पहचान वाला, किसी सरकारी अफसर से मिलो या किसी राजनीतिक से- सभी